भारत का कोयला भंडार



Coal Reserve
        कुल : 257.38 बिलियन टन

1.1.2007 की स्थिति के अनुसार जीसीआई द्वारा कुल 257.38 विलियन टन कोयले के भंडार का आकलन किया गया है इसमें से प्राईम कोकिंग कोल 5.313 बिलियन टन,मिडियम एवं सेमी कोकिंग कोल 27.04 बिलियन टन और नन कोकिंग कोल 225.03 बिलियन टन है।


भारत के मुख्‍य कोयलांचल


Major Coalfields

क्र.सं कोयलांचल कंपनी
1. सिंगरौली एनसीएल
2. कर्णपुरा एवं बोकारो सीसीएल
3. झरिया बीसीसीएल
4. आसाम एवं मेघालय & MEGHALAYA एनईसी
5. रानीगंज ईसीएल
6. IB & Iईब एवं तालचेर एमसीएल
7. सेंट्रल इंडिया एसईसीएल
8. पेंच एवं कन्‍हान डब्‍लूसीएल
9. चांदा एवं वर्धा डब्‍लूसीएल
10. गोदावरी वैली एससीसीएल
11. लिग्‍नाईट एनएलसी
12. लिग्‍नाईट,गुजरात एवं राजस्‍थान

ओडि़शा के कोयलांचल
(भू-गर्भीय भंडार 62.00 बिलियन टन)


राष्‍ट्र के कोयला सूची में शामिल 47 गोंडवाना एवं 14 टेरसियरी कोयलांचलों में से ओडि़शा में केवल 2 कोयलांचल हैं। तो भी राष्‍ट्र के कुल भंडार में से इसका प्रतिशत 24.57 (63.23) है ।


जहॉं तक ओडि़शा राज्‍य में स्‍थानिक पूर्वानुमानित कोयला धारक क्षेत्र की बात है यह कुल क्षेत्रफल का 7.6 % (2723 वर्ग किलोमीटर) है । इससे यह स्‍पष्‍ट है कि कोयला एवं नन कोल स्‍ट्राटा का उच्‍च अनुपात अब तक ज्ञात कोयला धारक क्षेत्र ईब नदी कोयलांचल एवं तालचेर कोयलांचल में फैला हुआ है । इन कोयलाचलों में जहॉं तक कोयला निकालने की क्षमता की बात है प्रकृति की मेहरबानी रही है।

ऐतिहासिक रूप से तालचेर कोयलांचल को लेफ्टीनेंट किटोई ने 1839 में और ईब वैली कोयलांचल को व्‍ही. बाल ने 1871 में खोजा था। तो भी 1973 में राष्‍ट्रीयकरण के पश्‍चात विधिवत बेधन द्वारा संसाधनों के आकलन की वास्‍तविक प्रेरणा मिली ओडि़शा कोलफील्‍ड्स की महत्‍ता इसके पूर्वी तट के नजदीक होने से बढ़ी।


ओडि़शा का तालचेर कोलफील्‍ड


तालचेर कोलफील्‍ड
((भू-गर्भीय भंडार 40.87 बिलियन टन दिनांक 01.01.2007 के अनुसार)



तालचेर कोयलांचल का पता पहलीबार 1837 में गोपाल प्रसाद में चला। बाद में 1855 में जीएसआई ने सर्वे किया और नक्‍सा बनाया । मेसर्स ईस्‍ट इंडिया प्रोस्‍पेक्टिंग सिंडिकेट ने 1920 में तालचेर शहर में पूर्वेक्षण किया। मेसर्स विलियर्स लिमिटेड द्वारा 1921 में हांडीधुआ कोलियरी खेली गई । एनसीडीसी ने वर्ष 1960,1962 एवं 1972 में क्रमश: साउथ बलण्‍डा,नंदिरा और जगन्‍नाथ खदान खोला । सीआईएल के गठन के पश्‍चात 1992 में एमसीएल के गठन के पहले सभी खदानें सीसीएल ,इसके बाद एसईसीएल के अधीन रहीं । कोयले का उत्‍पादन 1972-73 में 0.91 एमटी से 2007-08 में बढ़कर 53.67 एमटी हो गया।

 


ईब वैली कोयलांचल
(भू-गर्भीय भंडार 22.36 बिलियन टन– दिनांक 1.1.2007 के अनुसार)


वर्ष 1900 में जब बी एन रेलवे ईब नदी पर पुल बना रहा था तो ईब वैली कोयलांचल का पता चला। मेसर्स हिमगीर रामपुर कोल कंपनी 1909 में कोलियरी की शुरूआत की । 1940 ,1954 में और अधिक खदानें खेली गईं और कोयला खदान के राष्‍ट्रीयकरण के बाद ये खदाने डब्‍लूसीएल के अंतर्गत आ गईं । इसके बाद यह एसईसीएल के अंतर्गत तथा इसके बाद वर्ष 1992 में एमसीएल के गठन के बाद उसके अंतर्गत आई । वर्ष 1972-73 में इस कोयलांचल का उत्‍पादन 0.55 से बढ़कर 2007-08 में 34.34 एमटी हो गया।